Saturday, 20 January 2018

करार दिल को किया,खुदको बेकरार करके..

करार दिल को किया,खुदको बेकरार करके
बुरा किया,सही तेरा इंतेज़ार करके

मुझे हौसला दे के गया सहारे का,
पलट गया वो दरिया पार करके
तेरी बेचैनियों आजिज़ी से जाहिर हैं
में आखिर जीत गया तुझे हार के
खैरदम मिरे हुए,बड़ी इनायत हैं
मगर क्यो तीर जिगर के मेरे पार करके
सुना हैं शहर में उसने बस्तिया बसा दी हैं,
गया था जो गांव को उजाड़ करके

Wednesday, 27 December 2017

बहुत नादान हैं ख्वाबो की तासीर ढूंढता हैं

जुल्फ ए फरेब में जंजीर ढूंढता हैं
बहुत नादान हैं ख्वाबो की तासीर ढूंढता हैं

गले भी मिलता है,रोजे भी रखता हैं
मगर कौन गरीब ईद में तकदीर ढूंढता हैं
तू क्यों परेशा हैं जमाने की बेरुखी से
यही ग़ालिब का भी मसला था यही मीर ढूंढता हैं
मुह बनाते हो,बगल से भी नही जाते
गरीब का बच्चा उसी कचड़े में अपनी तकदीर ढूंढता हैं